जब अमरनाथ में हिंदू खतरे में था तब कहां थे तालिबानी गौरक्षक, वहां जान बचाने वाला भी ‘सलीम’ था : शिवसेना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के ज़रिये एक बार फिर से मोदी सरकार और फर्जी गौरक्षकों पर निशाना साधा है। सामना में एक लेख छपा है जिसमे गौरक्षकों को आड़े हाथों लिया गया है।

शिवसेना ने कहा कि, इन फर्जी गौरक्षकों की गुंडागर्दी अब नहीं चलनी चाहिए। देश में भले ही हिंदू विचारधारा को बढ़ाने की बात चल रही हो लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप आम लोगों के खिलाफ तालिबान की तरह पेश आएंगे।

ये फर्जी गौरक्षक देश में गाय के नाम पर हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं। इन्हीं गौरक्षकों ने पूरे देश में जहर फैलाने का काम किया है। अगर इन गौरक्षकों लगता है की। ‘गाय की रक्षा करना ही हिन्दू धर्म और राष्ट्रभक्ति है तो जाओ अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के बाद कश्मीर जाकर भी देश की सेवा का काम करो।

लेख में आगे लिखा गया है कि,’सीमा पर अलगावादियों के खिलाफ लड़कर देश के मुसलमानों ने भी जानें दी है। अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले में जिस व्यक्ति ने यात्रियों को बचाया वो मुसलमान था। उसका नाम सलीम था।

यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आम इंसान की ज़िंदगी से ज्यादा अब एक गाय की ज़िंदगी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

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