चीन हमले को लेकर मोदी ने डा. मनमोहन सिंह पर साधा था निशाना, जब खुद की बारी आई तो क्यों बोलती हो गई बंद – विडियो

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में नहीं थी तो मोदी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ ऐसी बेतुकी बयानबाजी की है कि क्या बताएं। वर्ष 2013 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय सरकार कांग्रेस की थी और देश के प्रधानमंत्री थे डा. मनमोहन सिंह। उस समय भारत में चीन व पाकिस्तानी हमले का मुद्दा काफी गरमाया हुआ था।

ऐसे में मोदी के भाषण की विडियो अभी सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें मोदी जी ऐसे कड़े शब्द बोल रहे हैं, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। मोदी ने कहा था कि डा. मनमोहन सिंह की सरकार चुप बैठी है, यह समय चीन को लाल आँख दिखाने की है। वहीं, जब अब मोदी की सरकार आई और वो पीएम बने तो इसके बावजूद भी मोदी चुप बैठे हैं और उधर चीन भारत पर हमले की पूरी तैयारी कर रहा है।

मोदी बोले थे, ““डूब डूब मरो मेरे देश की सरकार चलाने वालों”
भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स भारतीय जवानों की श्रद्धांजलि देने के साथ ही नरेंद्र मोदी के पुराने भाषणों और बयानों का हवाला दे रहे हैं। कुछ यूजर्स नरेंद्र मोदी 2013 में दिए एक भाषण का वीडियो भी शेयर कर रहे हैं जिसमें उन्होंने चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली घुसपैठ को लेकर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था, “डूब डूब मरो मेरे देश की सरकार चलाने वालों, आपको शर्म आनी चाहिए।” उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

नरेंद्र मोदी ने साल 2013 में भारत की सुरक्षा के मुद्दे पर कहा था
आपको जानकार हैरानी होगी कि वोट बैंक की राजनीति में डूबी हुई दिल्ली की सल्तनत हिंदुस्तान की सुरक्षा को अनेदखा कर रही है। बांग्लादेश की सीमा पर हमारे जो जवान हैं, अगर कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया घुसकर आता है, अगर उसका रोकना चाहता है अगर वो रुकता नहीं है तो भारत की सेना, बीएसएफ के जवानों पर रोक लगाई गई है कि वो कोई भी शस्त्र का प्रयोग नहीं करेंगे।

Modi in 2013 rally ridiculed Dr. Manmohan Singh over China incursion issue. Watch what Modi did after becoming PM.

Posted by FekuExpress2.0 on Monday, August 7, 2017

इतना ही यहां तक कह दिया गया है कि अगर वो ज्यादा ताकतवर है, अगर घुसपैठिए का हमला तेज है तो बांग्लादेश की सीमा पर बैठे बीएसएफ के जवान झगड़ा करने के बजाय उन्हें अंदर आने की इजाजत दे दें। भाइयों बहनों एक सार्वभौम देश का मुखिया, सवा सौ करोड़ देश की सरकार हिंदुस्तान के सामान्य मानवों को इस प्रकार के निर्णयों से सुरक्षा कैसे प्रदान कर सकती है।

चीन पर हमला करने के लिए यह थी मोदी की सलाह
चाइना ने हमारी सीमा पर आकर अडंगा लगाया। सारी दुनिया ने देखा। गूगल मैप पर सारे नागरिक देख पा रहे थे कि चाइना की मूवमेंट कैसी है। चाइना किस राह हमारी धरती पर आ रहा है, किस राह अपनी जगह बना रहा है। मैं हैरान हूं कि चाइना तो घुसपैठिया था, उसको तो अपनी धरती पर जाना जरूरी था लेकिन दिल्ली की सरकार ने ऐसा समझौता किया कि चाइना तो अपनी धरती पर वापस गया लेकिन हिंदुस्तान की सेना को भी अपनी ही धरती पर वापस लेने का निर्णय, ये दुर्भाग्य है हमारे देश का ऐसी सरकार ने निर्णय लिया।

इतना ही नहीं भारतीय विदेश मंत्री चाइना गए, चाइना जाकर उसकी हरकतों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए थी, लाल लाल आंखें करके चाइना को समझाना चाहिए था, इसका बजाय हिंदुस्तान के विदेश मंत्री ने चाइना जाकर बयान दिया कि बीजिंग इतना अच्छा शहर है कि मुझे यहां रहने का मन कर जाता है। डूब डूब मरो मेरे देश की सरकार चलाने वालों, आपको शर्म आनी चाहिए। ये घाव पर नमक छिड़क रहे हो आप लोग, हिंदुस्तान के सवा सौ करोड़ वासियों के मन पर लगी चोट पर आप लोग एसिड छिड़क रहे हो।

loading...