मोदी सरकार का नया पैंतरा, अब हज यात्रियों पर लगाने जा रही है ऐसा नियम जिसके बाद हज करने के लिए..

अगर देश में हवा है कि बीजेपी की इस सरकार में धार्मिक आज़ादी पर तलवार लटक रही है तो कहना गलत नही होगा. दरअसल मीडिया और सोशल मीडिया की माने तो मोदी सरकार कुछ ऐसा प्लान तैयार कर रही है जो मुसलमानों की हज यात्रा पर बंदिशे लगाने का काम करेगा. बात मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी की है और ऐसे मोदी सरकार जिस तरीके से उनकी धार्मिक आज़ादी की सीमाएं तैयार कर रही है उससे तय होता है कि

इस सरकार में कट्टरता किस धर्म से और कितनी है. बीफ के नाम पर क़त्ल और राष्ट्रवाद के नाम पर मुसलमानों पर शक पहले से ही हो रहा था लेकिन अब मुसलमानों की धार्मिक यात्रा पर भी मोदी सरकार की नजर है.

बता दें कि मुसलमानों द्वारा सऊदी अरब जाकर हज यात्रा तय करने वाले मुसलमानों पर मोदी सरकार अगले साल से नई नीति बनाने जा रही है. खबर है कि इस नीति के तहत अब कोई भी मुसलमान अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ एक बार ही हज़ के लिए जा सकेगा. अभी तक ऐसा कोई नियम नही था और उन्हें धार्मिक आज़ादी मिली हुई थी लेकिन अब ये आज़ादी उनसे ले ली जा सकती है.

कहने को तो सरकार इसके पीछे तर्क दे रही है कि इससे गरीब मुसलमानों को फायदा होगा लेकिन कुछ लोग इसे धार्मिक कट्टरता के चलते उनकी आज़ादी पर प्रहार मान रहे हैं. बताया जा रहा है कि साल 2018 से हज यात्रा के लिए जो नयी नीति बनने जा रही है उसमें बार बार हज यात्रा करने के चलन को बंद करके जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का नियम बनाया जा सकता है.

इतना ही नही इसके अलवा भी मोदी सरकार मुसलमानों को हज़ा यात्रा के नाम पर मिलने वाली सब्सिडी पर भी नजर गड़ाए हुए है और नयी नीति में मुमकिन है कि सब्सिडी को ख़त्म करने के लिए जरुरी मुद्दों पर सोचे. सूत्रों का तो ये भी कहना है कि मोदी सरकार की कोशिश यही रहेगी कि या तो सब्सिडी कम कर दी जाय या फिर एकदम से ख़तम ही कर दी जाय.

खबर है कि इस साल 24 जुलाई से शुरू हो चुके हज यात्रा में देश से कुल 1,70,025 हज यात्री जा रहे हैं लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार नियम कानून बनाकर धार्मिक आज़ादी पर नजर बनाये हुए है, उम्मीद है आगे से यात्रियों की संख्या में कमी आये.

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