अगस्त में बच्चे मरते ही हैं इस बार कुछ नया नही हुआ है”योगी के स्वास्थ्य मंत्री ने दिया शर्मनाक ब्यान।

मासूम बच्चों की मौत पर योगी सरकार अपना पल्ला झाड़ते हुए नज़र आरही है,बड़ा ही शमर्नाक बयान उन्होंने दिया है जो ज़िम्मेदार हैं लोगो की सेहत और स्वास्थ्य के।स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ये घटना गंभीर है। हमारी सरकार संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने हमसे बात की। उनका कहना है कि किसी ने ऑक्सीजन सप्लाई के बारे में नहीं बताया।

अगस्त में हर साल बच्चों की मौत होती है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर साल अगस्त में बच्चे मरते हैं।मंत्री जी ने तर्क दिया कि साल 2014 में 567 बच्चों की मौत हुई। इस घटना में भी अलग-अलग कारणों से बच्चों की मौत हुई है। उनके अनुसार यह ऑक्सीजन सप्लाई का मुद्दा नहीं है।

ऑक्सीजन गैस सिलेंडर शाम साढ़े 7 बजे से रात साढ़े 11 बजे तक चले। अस्पताल में ऑक्सीजन की अब कोई कमी नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द जांच कर सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य प्रशासन से इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा उन्होंने राज्य मंत्री (स्वास्थ्य) अनुप्रिया पटेल को तुरंत अस्पताल का दौरा करने का निर्देश दिया है।

वहीं बच्चों की मौत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया हैं। विपक्ष ने मामले पर योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि गोरखपुर मे ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत, सरकार ज़िम्मेदार। कठोर कार्रवाई हो, 20-20 लाख का मुआवज़ा दे सरकार। वहीं राहुल गांधी का ट्वीट आया कि बीजेपी सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं।

ऑक्सीजन की आपूर्ति से निपटने के विभाग ने अधिकारियों को 3 और 10 अगस्त को कमी के बारे में सूचित किया था। पुष्पा सेल ने भुगतान नहीं होने पर आपूर्ति को बंद कर दिया था

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