हरियाणा की भाजपाई सरकार ने अमित शाह के लिए स्कूलो को दिया जबरन ये फरमान…जाने क्या है ये फरमान

हरियाणा के रोहतक जिले में बुधवार(2 अगस्त) को कई निजी स्कूलों को कथित तौर पर जबरन छुट्टी घोषित करने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि राज्य में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का स्वागत करने के लिए आयोजित रैली में इन बसों की मांग की गई थी। हिंदुस्तान टाइम्स डॉटकाम की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपने पार्टी नेतृत्व के स्वागत के लिए नियम पुस्तिका को भी नजरअंदाज कर दिया। नियम के मुताबिक, राजनैतिक रैलियों के लिए स्कूल की बसों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने शपथ पत्र में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को इस साल मार्च महीने में कहा था कि इस विषय में सभी प्रतिबंधों को लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होने कहा था कि रैली के लिए अपनी बसें भेजने के लिए प्रबंधन को मजबूर करना मोटर वाहन अधिनियम 1988 के वैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है।

यह मामला तब सामने आया जब अमित शाह की रैली के एक दिन पहले मंगलवार(1 अगस्त) की शाम कई स्कूलों ने बच्चों के परिजनों को स्कूलों के बंद होने की जानकारी दी। इतना ही नहीं शाह की रैली में लगी बसों के कारण जिला प्रशासन को ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटना चुनौतीपूर्ण रहा।

इस मामले में रोहतक के रोजार्स स्कूल के निदेशक रवि गुगनानी ने कहा कि प्रशासन ने अमित शाह के रैली के लिए हमारे बसों की मांग की थी, जिस वजह से हमारे सहित कई अन्य स्कूलों को छुट्टी घोषित करनी पड़ी। हालांकि, अखबार इस मामले में उन सभी स्कूलों से बात नहीं पाया, जिन्होंने बुधवार को छुट्टी घोषित की थी।

इस मामले में रोहतक के उपायुक्त अतुल कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने कहा कि हमारे विभाग ने किसी भी स्कूल से बसों की मांग नहीं की थी। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि रैली की वजह से जिले में यातायात में कोई बाधा नहीं है।

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