गोरखपुर में 30 मासूम बच्चे तड़प-तड़पकर मरे, लोग बोले- जिनकी खुद की औलाद नहीं वो औलाद खोने का दर्द क्या समझेंगें

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में पिछले 48 घंटों में 30 मासूमों की मौत की खबर विचलित करने वाली है, वो भी सिर्फ इसलिए कि सप्लायर का लाखों का बकाया था और उसने सप्लाई बंद कर दिया।

प्रशासन की लापरवाही की ये घटना अमानवीय और शर्मनाक है जिससे आहत होकर के लोग सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दो दिन पहले अस्पताल का दौरा करने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनदेखी के लिए भी जमकर लताड़ा जा रहा है।

गोरखपुर हादसे पर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा हैं| नेता से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हादसे पर अपना दुख और सरकार के प्रति अपना गुस्सा जताया है |

और अब इन सब के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने यह कहना भी शुरू कर दिया है कि इस हादसा को लेकर भाजपा सरकार ने इसलिए लापरवाही बरती क्यूंकि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी में से किसी की अपनी औलाद नहीं है, इसलिए वो औलाद खोने का दर्द नहीं समझते|

Hisory of India नाम ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि, “केंद्र में सरकार हमारी है, राज्य में सरकार हमारी है, हॉस्पिटल भी सरकारी है लेकिन बच्चे हमारे नहीं थे”। योगी आदित्यनाथ (2017)

Rolf Gandhi नाम के ट्विटर अकाउंट से भी ट्वीट आया कि “गोरखपुर ट्रेजेडी पर योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी एकदम खामोश हैं क्योंकि औलाद का दर्द फकीरों को महसूस नहीं होता”।

इनके अलावा नितिन राउत नाम के शख्स ने लिखा कि, ‘केंद्र वाला भी बे औलाद है, राज्य वाला भी बे औलाद है, औलाद वालों का दर्द अब कौन जाने?” #हत्यारीUPसरकार

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