पहली बार नांदेड़ चुनाव में VVPAT का हुआ इस्तेमाल, भाजपा का सूपड़ा साफ, कांग्रेस जीती

नांदेड़ महानगर पालिका चुनाव परिणाम के रूक्षान अब भी जारी है लेकिन हार जीत का फैसला लगभग हो चुका है क्योंकि कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के सीटों की संख्या में बड़ा अंतर दिखाई देने लगा है।

‘एबीपी माझा’ के लाइव आकड़ों के मुताबिक 81 में से 73 सीटों के रूक्षान आ चुके हैं, जो इस प्रकार है- कांग्रेस- 67, भाजपा- 4, एमआईएम- 0, शिवसेना- 1, अन्य- 1

ध्यान देने वाली ये भी है कि नांदेड़ में चुनाव में पहली बार वीवीपीएटी यानी वोटर वेरिफेबल पेपर आडिट ट्रेल मशीनों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसा महाराष्ट्र के किसी भी चुनाव में पहली बार हुआ है।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब वीवीपैट इस्तेमाल होने वाली सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा हो। अगस्त में दिल्ली के बवाना सीट पर हुए उपचुनाव में भी बीजेपी को करारी शिकस्त मिली थी।

उस वक्त मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को चुनौती दी है कि वह हर चुनाव में VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) का इस्तेमाल कराए। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने EVM में कथित छेड़छाड़ का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि हाल के चुनावों में बीजेपी को मिली जीत के पीछे EVM की गड़बड़ी है।

नांदेड़ महानगरपालिका चुनाव के लिए पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वार्ड नंबर दो के 31 मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी वोटिंग मशीनें लगवाई हैं। इस दौरान 60 फीसदी मतदान हुआ है।
बता दें कि नांदेड़ महानगरपालिका के 81 सीटों में 41 सीटें महिला प्रत्याशियों, 15 सीटें पिछड़ी जाति, दो पिछड़ी जनजाति और 22 पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

यह महानगर पालिका उसी संसदीय क्षेत्र में आता है जहां से 2014 में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री आशोक चव्हाण चुनाव जीत संसद पहुंचे। इस चुनाव के प्रतिष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मतदान से पहले यहां प्रचार के लिए खुद सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भाजपा के वरिष्ठ मंत्रियों के लाव-लश्कर के साथ पहुंचे थें।

प्रचार के लिए यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे थे। यह पूर्व मुख्यमंत्री आशोक चव्हाण का संसदीय क्षेत्र है इसलिए यहां के नतीजे कांग्रेस के लिए प्रितष्ठा से जुड़ा मामला बन चुका था।

अशोक चव्हाण ने 2014 के मोदी लहर में भी बीजेपी के उम्मीदवार को सियासी मैदान में धूल चटा दिया था। फिलहाल नांदेड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत करीब देख जश्‍न मनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस फिलहाल 81 में से आधी से ज्यादा सीटों पर निर्णायक बढ़त ले चुकी है।

प्रतिष्ठा तो बीजेपी की भी दांव पर लगी थी क्योंकि मैदान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश पोकरण के बेटे नवल पोकरण भी उतरे थे जो रूझान के मुताबिक चुनाव हार चुके हैं।

साल 2012 में नांदेड़ महानगरपालिका के लिए हुए मतदान में कांग्रेस ने 81 सीटों में से 41 पर कब्जा किया था। जबकि 12 सीटें जीतकर शिवसेना दूसरे स्थान पर रही थी। AIMIM तीसरे नंबर रही, जिसने 11 सीटें जीतीं। वहीं बीजेपी को महज दो सीट पाकर संतुष्ट होना पड़ा था।

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